धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: SC-ST छात्रों को अब 8 लाख तक आय पर मुफ्त कोचिंग, दिव्यांगों को परीक्षा में राहत

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देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा के अवसरों को अधिक समावेशी बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में धामी सरकार ने अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों, दिव्यांगजनों और सड़क सुविधा से वंचित गांवों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 26 बिंदुओं पर निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

कैबिनेट के फैसलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए निश्शुल्क कोचिंग योजना की आय सीमा बढ़ाना, दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में अंकों की छूट देना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छूटे गांवों तक सड़क पहुंचाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपना प्रमुख है। इसके अलावा, सूत्रों के अनुसार, सरकार ने करीब 7,400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दी है।

SC-ST छात्रों को मुफ्त कोचिंग का दायरा बढ़ा

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के लिए संचालित निश्शुल्क कोचिंग योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। कैबिनेट ने योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

वर्ष 2009 में निर्धारित आय सीमा में बदलाव से अब पहले की तुलना में अधिक परिवारों के विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा। इससे आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से पीछे रह जाने वाले विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकेगा।

दिव्यांग विद्यार्थियों को अंकों में मिलेगी छूट

कैबिनेट ने दिव्यांगजनों के लिए राज्य परिषदीय परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के नियमों में भी राहत देने का निर्णय लिया है। बौद्धिक अक्षमता, मानसिक बीमारी, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी और स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी से प्रभावित विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत अंकों की शिथिलता देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसके तहत संबंधित श्रेणियों के दिव्यांग परीक्षार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार राहत मिलेगी। जानकारी के मुताबिक, इन पांच श्रेणियों के दिव्यांगजनों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण घोषित किए जाने का भी प्रावधान किया गया है। इस फैसले से विशेष जरूरतों वाले विद्यार्थियों को परीक्षा उत्तीर्ण करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

सड़क से वंचित गांवों तक पहुंचेगी कनेक्टिविटी

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का विस्तार करने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क सुविधा से छूटे गांवों तक सड़क पहुंचाने का जिम्मा अब लोक निर्माण विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया है।

इस व्यवस्था से ऐसे गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के प्रयासों में तेजी आने की उम्मीद है, जो अब तक बेहतर संपर्क मार्गों से वंचित हैं। सड़क कनेक्टिविटी बढ़ने से ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में सुविधा मिल सकती है।

7,400 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में करीब 7,400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को स्वीकृति दिए जाने की भी जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के लिए विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, विधानसभा सत्र आहूत होने के कारण कैबिनेट के फैसलों की आधिकारिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई। ऐसे में अनुपूरक बजट और अन्य प्रस्तावों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कुल मिलाकर, कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने, दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिखाई देता है। इन निर्णयों का वास्तविक लाभ संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचने पर निर्भर करेगा।

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