आपदा प्रभावित सकलाना क्षेत्र पहुंचे डीएम, पुनर्निर्माण कार्यों का लिया जायजा
टिहरी गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बुधवार को तहसील धनोल्टी के सकलाना क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण एवं राहत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चिफल्डी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ट्रॉली पुल, भूतसी में बन्दल नदी पर बन रहे लाल पुल तथा रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के प्री-फैब्रिकेटेड भवन का निरीक्षण किया।चिफल्डी में ग्रामीणों ने पुल निर्माण में हो रही देरी और आवागमन की समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। ग्रामीणों ने बताया कि पुल के अभाव में करीब दस गांव प्रभावित हो रहे हैं तथा बरसात और आपदा के दौरान लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को 30 जून तक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा।
भूतसी के सीतापुर में बन्दल नदी पर निर्माणाधीन लाल पुल का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने बताया कि 27 मीटर स्पान और 1.5 मीटर चौड़ाई वाले पुल का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। एक सप्ताह के भीतर पुल पर आवाजाही शुरू करने तथा आगामी 15 दिनों में शेष कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस दौरान ग्रामीणों ने नदी कटाव से कृषि भूमि को हो रहे नुकसान और सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग उठाई। वहीं तोलिया काटल ग्राम प्रधान कविता देवी ने वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान मधु देवी ने आपदा के बाद नई कक्षाओं के निर्माण के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 169 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा पुल निर्माण पूरा होने के बाद छात्र संख्या में और वृद्धि की संभावना है। विद्यालय में खनिज न्यास मद से 50 लाख रुपये की लागत से छह कक्षों और एक कंप्यूटर लैब का निर्माण किया गया है।ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल, सड़क, संपर्क मार्ग और आपदा सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को भी जिलाधिकारी के समक्ष रखा। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को लंबित किराया सहायता उपलब्ध कराने तथा खतरे की जद में रह रहे परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए विभिन्न विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
