टूनाकोट गांव में सूखा संकट: चार महीने से बारिश नहीं, खेती-किसानी पर गहराया संकट

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देहरादून/टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र टिहरी गढ़वाल अंतर्गत टूनाकोट गांव में पिछले चार महीनों से बारिश न होने के कारण हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। लगातार सूखे की मार झेल रहे किसान खेती-किसानी को लेकर गहरे संकट में हैं। खेतों की नमी खत्म हो चुकी है, जिससे गेहूं और सब्जियों की फसलें या तो सूख चुकी हैं या बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

गांव की महिला किसानों ने हालात की गंभीरता को देखते हुए पारंपरिक आस्था के सहारे इंद्रदेव की आराधना की और शीघ्र वर्षा की कामना की। महिलाओं का कहना है कि पहाड़ों में खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर होती है, लेकिन इस बार समय पर वर्षा न होने से बुवाई लगभग ठप हो गई है।

किसानों के अनुसार खेतों में दरारें पड़ गई हैं और मिट्टी इतनी सूख चुकी है कि बीज अंकुरित नहीं हो पा रहे। गेहूं की फसल, जो इस समय बढ़वार के दौर में होनी चाहिए थी, कमजोर पड़ गई है। वहीं आलू, मटर, गोभी, पालक जैसी मौसमी सब्जियों की खेती भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई किसानों को मजबूरी में खेत खाली छोड़ने पड़े हैं।

स्थानीय स्तर पर सब्जियों की पैदावार न होने से ग्रामीणों को बाजार से महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं। महिला किसानों का कहना है कि इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जबकि आमदनी पहले ही घट चुकी है। यदि हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले महीनों में खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। किसानों और ग्रामीणों को भविष्य में पेयजल संकट की भी चिंता सताने लगी है। गांव के प्राकृतिक जलस्रोत और धाराएं कमजोर पड़ने लगी हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो गर्मियों में पानी की भारी किल्लत हो सकती है, जिससे ग्रामीण जीवन और भी मुश्किल हो जाएगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से सूखे की स्थिति का आकलन कर राहत और वैकल्पिक जल प्रबंधन के उपाय करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सिंचाई और पेयजल के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो खेती के साथ-साथ गांव में पलायन की समस्या और गंभीर हो सकती है।टूनाकोट गांव की यह स्थिति केवल एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि बदलते मौसम और अनियमित बारिश के कारण पहाड़ों में खेती पर मंडराते संकट की तस्वीर भी पेश करती है। अब सभी की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि कब इंद्रदेव मेहरबान होंगे और सूखे खेतों में फिर से हरियाली लौटेगी।

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