जागेश्वर धाम में करंट लगने से ऊर्जा निगम कर्मी की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल

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अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल जागेश्वर धाम में बिजली आपूर्ति बहाल करने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी पूरन सिंह की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह पिछले तीन दिनों से ठप पड़ी बिजली लाइन को ठीक करने का कार्य कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही लाइन पर काम शुरू किया गया, अचानक बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे पूरन सिंह करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने ऊर्जा निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरन सिंह को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम पर लगाया गया था। उनका आरोप है कि न तो इंसुलेटेड दस्ताने, न ही अन्य जरूरी सेफ्टी गियर उपलब्ध कराए गए, जो इस तरह के जोखिम भरे कार्य के लिए अनिवार्य होते हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में भी आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से खतरनाक कार्य कराए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। इससे पहले भी कई बार इस तरह की लापरवाही की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊर्जा निगम और जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारियों, विशेषकर आउटसोर्स कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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