चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर ‘उगाही सिंडिकेट’ का खुलासा
चंडीगढ़ : चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर टैक्सी संचालन से जुड़ा एक बड़ा ‘उगाही सिंडिकेट’ उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एयरपोर्ट के पूर्व सीईओ राकेश रंजन सहाय और तत्कालीन एजीएम (एयरपोर्ट ऑपरेशंस) अमृत गर्ग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एयरपोर्ट परिसर में टैक्सी संचालन की आड़ में कथित तौर पर एक संगठित उगाही तंत्र चलाया जा रहा था। आरोप है कि टैक्सी ऑपरेटरों से नियमित रूप से रिश्वत वसूली जाती थी और बदले में कुछ चुनिंदा ऑपरेटरों को एयरपोर्ट से यात्रियों को लेने-छोड़ने में विशेष छूट और प्राथमिकता दी जाती थी। इससे न केवल प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई, बल्कि नियमों का भी खुलेआम उल्लंघन हुआ।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध वसूली से कितनी रकम इकट्ठा की गई और किन-किन लोगों तक इसका लाभ पहुंचा। एफआईआर दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारियों और टैक्सी यूनियन से जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि जांच के दायरे में और भी अधिकारी व कर्मचारी आ सकते हैं। सीबीआई जल्द ही संदिग्धों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच कर सकती है।
इस पूरे मामले ने एयरपोर्ट प्रबंधन और टैक्सी संचालन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह न केवल भ्रष्टाचार का बड़ा मामला साबित होगा, बल्कि यात्री सुविधाओं और सेवा व्यवस्था पर भी इसका गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
फिलहाल, सीबीआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
