बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण से सड़क समस्याओं तक, प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा में उठाए ऋषिकेश के मुद्दे

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ऋषिकेश। भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण और वन क्षेत्रों से जुड़ी सड़क समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने नियम 53 के तहत बापू ग्राम में लंबे समय से रह रहे परिवारों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। वहीं, नियम 300 के तहत विभिन्न क्षेत्रों की सड़कों के पुनरुद्धार, चौड़ीकरण और डामरीकरण का मुद्दा सदन में रखा।

60 हजार से अधिक लोगों की समस्या के समाधान की मांग

डॉ. अग्रवाल ने सदन को अवगत कराया कि बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण से लगभग 75 वर्षों से अधिक समय से यहां निवास कर रहे 60 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। यह मामला हजारों परिवारों के भविष्य और आवासीय अधिकारों से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़ी संख्या में लोग निवास कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त एम्स, आईडीपीएल, पशुपालन विभाग और टिहरी विस्थापितों से संबंधित व्यवस्थाओं सहित कई सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान भी यहां संचालित हैं।

विधायक ने कहा कि इस प्रकरण का मानवीय दृष्टिकोण से स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि मामले के समाधान की दिशा में कैबिनेट बैठक में समिति गठित करने का निर्णय भी लिया जा चुका है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए आगे की कार्रवाई शीघ्र की जानी चाहिए।

कई क्षेत्रों की सड़कों के सुधार की उठाई मांग

विधानसभा में नियम 300 के तहत डॉ. अग्रवाल ने राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र और वन भूमि से जुड़े इलाकों की सड़क समस्याओं को भी उठाया।

उन्होंने राजाजी नेशनल पार्क से सटे ओणेश्वर मंदिर से साहब नगर (पुरानी जंगला चौकी) तक की सड़क के साथ ही गढ़ी, भट्टोंवाला, रुषा फार्म (गुमानीवाला) और गौरी माफी क्षेत्र की सड़कों के पुनरुद्धार, चौड़ीकरण एवं डामरीकरण की मांग की।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की सड़कें स्थानीय निवासियों के आवागमन, दैनिक जरूरतों और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। सड़कों की स्थिति बेहतर होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसलिए संबंधित सड़कों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाना चाहिए।

डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सदन के माध्यम से प्रभावित परिवारों को राहत देने और सड़क सुविधाओं में सुधार के लिए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

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