भारत-नेपाल की दोस्ती का मजबूत सेतु है गोरखा समाज, धामी ने सराहे योगदान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक एवं पारिवारिक संबंधों को दोनों देशों की मजबूत विरासत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता केवल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों से रोटी-बेटी के संबंधों के जरिए दोनों देश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इस रिश्ते को मजबूत बनाए रखने में गोरखा समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
रविवार को महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखा समाज का इतिहास वीरता, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए समाज के लोगों ने अनेक बलिदान दिए हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज ने अपने योगदान से भारत का गौरव बढ़ाया है।
मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा रहा भारत
मुख्यमंत्री ने नेपाल के हालात का जिक्र करते हुए कहा कि बीते दिनों वहां गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हुईं, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पड़ोसी देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। भारत ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया और नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग की परंपरा आगे भी कायम रहनी चाहिए।
उत्तराखंड के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
धामी ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार उत्तराखंड के विकास और जनकल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने गोरखा और नेपाली समाज के लोगों की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदेश की विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। विभिन्न समुदायों के त्योहारों का एक साथ उत्सव के रूप में मनाया जाना सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का परिचायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्तों के मजबूत सूत्र में बंधे हैं। इन संबंधों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और आपसी सद्भाव को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।


