हरिद्वार को मिलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात, दूसरे मेडिकल कॉलेज के लिए 10 एकड़ जमीन मंजूर

खबर शेयर करें -

हरिद्वारः जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज की स्थापना का रास्ता साफ करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के माध्यम से प्रस्तावित इस मेडिकल कॉलेज के संचालन से जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट बैठक के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद हरिद्वार में चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर विकसित होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

हरिद्वार में आबादी और मरीजों की जरूरतों के लिहाज से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार अहम माना जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे मरीजों को बेहतर उपचार के विकल्प मिलने की उम्मीद है। साथ ही, जिले की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मेडिकल शिक्षा के बढ़ेंगे अवसर

प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज केवल स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया

कैबिनेट की मंजूरी को मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब परियोजना को आगे बढ़ाने में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, कॉलेज के निर्माण, संचालन और शुरुआत से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसकी सुविधाएं लोगों को उपलब्ध हो सकेंगी।

हरिद्वार में दूसरे मेडिकल कॉलेज की स्थापना की पहल से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद जगी है। आने वाले समय में यह परियोजना चिकित्सा शिक्षा और उपचार सुविधाओं के विस्तार में अहम साबित हो सकती है।

Ad