कैंची धाम जाने से पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, दो दिन बदले रहेंगे पहाड़ के रास्ते
नैनीताल। वीकेंड और अवकाश के दौरान कैंची धाम में श्रद्धालुओं के साथ ही भवाली और भीमताल पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सड़कों पर जाम की स्थिति से निपटने और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए नैनीताल पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था 31 अक्टूबर और एक नवंबर को प्रभावी रहेगी। इसके तहत भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के साथ बसों और चौपहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
भारी वाहनों की आवाजाही पर रहेगी रोक
पुलिस के मुताबिक, दोनों दिन सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों का जिले में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों को जिले की सीमा पर ही रोक दिया जाएगा। वहीं, सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक बसों और चौपहिया वाहनों को निर्धारित डायवर्जन रूट से आवागमन करना होगा।
पहाड़ और मैदान के बीच बदलेगा आवागमन का रास्ता
अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को लमगड़ा, धनाचूली, धारी, खुटानी बैंड और भीमताल के रास्ते भेजा जाएगा। दूसरी ओर, मैदानी क्षेत्रों से पर्वतीय इलाकों में जाने वाले वाहन भीमताल, खुटानी बैंड, धारी और धनाचूली बैंड होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
काठगोदाम से रानीखेत जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। इन वाहनों को खुटानी बैंड से मुक्तेश्वर और रामगढ़ की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
कैंची धाम जाने वालों के लिए पार्किंग और शटल की व्यवस्था
कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के निजी वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। भीमताल की ओर से आने वाले निजी वाहन विकास भवन पार्किंग में खड़े होंगे। वहीं ज्योलीकोट-गेठिया-नैनीताल मार्ग से आने वाले वाहनों के लिए भवाली सैनिटोरियम पार्किंग तय की गई है। दोनों स्थानों से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा कैंची धाम क्षेत्र में टैक्सी और दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित पार्किंग और शटल व्यवस्था के जरिए ही श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचना होगा।
स्थानीय लोगों को मिलेगी वैकल्पिक मार्ग की सुविधा
भीमताल, नैनीताल और ज्योलीकोट से खैरना, गरमपानी तथा बेतालघाट की ओर जाने वाले स्थानीय वाहन दूनीखाल-रातीघाट मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।
पुलिस ने पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले निर्धारित रूट की जानकारी अवश्य लें। साथ ही यातायात नियमों, पार्किंग व्यवस्था और पुलिस के निर्देशों का पालन करें, ताकि भीड़ के बीच अनावश्यक जाम और परेशानी से बचा जा सके।


