धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण पर हुआ सार्थक संवाद, भागवताचार्यों का किया सम्मान
‘आपकी आवाज, हमारी प्रतिज्ञा’ कार्यक्रम के तहत आयोजित हुआ भव्य भागवताचार्य सम्मान समारोह
देहरादून। धर्म, संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को ‘आपकी आवाज, हमारी प्रतिज्ञा’ कार्यक्रम के अंतर्गत भव्य भागवताचार्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर घोषणा पत्र को लेकर विचार-विमर्श किया गया तथा उपस्थित भागवताचार्यों एवं विद्वतजनों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में धर्माचार्यों के साथ भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों, संस्कारों और सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान विद्वतजनों के सुझावों और विचारों को गंभीरता से सुना गया।कार्यक्रम संयोजक जयेंद्र रमोला ने कहा कि धर्माचार्य एवं विद्वतजन भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सनातन परंपराओं के सच्चे संवाहक हैं। समाज को सही दिशा देने और आने वाली पीढ़ियों में नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का संचार करने में उनका योगदान अतुलनीय है। ऐसे संतों और विद्वानों का सम्मान करना हम सभी का सौभाग्य और दायित्व है।
उन्होंने कहा कि ‘आपकी आवाज, हमारी प्रतिज्ञा’ कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की बात सुनना, उनके सुझावों को समझना और जनभावनाओं के अनुरूप सकारात्मक कार्य करना है। धर्माचार्यों के मार्गदर्शन से समाज और संस्कृति को नई दिशा देने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
वहीं, भागवताचार्य एवं प्रधानाचार्य ओम प्रकाश पूर्वाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नैतिकता, सद्भाव, सेवा, समरसता और मानवता का संदेश देने का सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धर्माचार्यों एवं विद्वानों के विचारों को महत्व देने वाले ऐसे आयोजन समाज और धर्म के बीच संवाद को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं।
इनकी रही उपस्थितिकार्यक्रम में आचार्य दया कृष्ण, आचार्य अमित कोठारी, आचार्य वेद किशोर सिलसवाल, आचार्य देवेंद्र उनियाल, आचार्य जगमोहन मिश्रा, आचार्य जितेंद्र, आचार्य केशव बहुगुणा, आचार्य ललित त्रिपाठी, आचार्य मनीराम पैन्यूली, आचार्य मनोहर पांडे, आचार्य मनोज चमोली, आचार्य मनोज गैरोला, आचार्य मोहन भट्ट, आचार्य नागेंद्र भद्री, आचार्य नरेंद्र सकलानी, आचार्य पंकज रयाल, आचार्य पुरुषोत्तम राणाकोटी, आचार्य राकेश प्रसाद बहुगुणा, आचार्य शिव प्रसाद सेमवाल, आचार्य सुभाष डोभाल, आचार्य सुनील भट्ट, आचार्य गिरीश पांडे, आचार्य सुरेंद्र भट्ट, आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल, आचार्य शंकर प्रसाद गैरोला, आचार्य दीपक कृष्ण कुलियाल, आचार्य राजेश जोशी, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, पूर्व शिक्षक मदन शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिंह, बृज भूषण बहुगुणा, हिमांशु कश्यप सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


