अब घर बैठे मिलेगी डिग्री और फाइनल मार्कशीट, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की नई पहल
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब डिग्री और अंतिम अंकपत्र प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय या अध्ययन केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन डिग्री के साथ ही अंतिम मार्कशीट भी विद्यार्थियों के घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने जा रहा है। 18 नवंबर को प्रस्तावित दीक्षा समारोह के बाद इस प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा और एक माह के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दीक्षा समारोह के आयोजन के लिए लोक भवन से स्वीकृति मिल चुकी है। इसके साथ ही समारोह की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। समारोह में दिसंबर 2025 और जून 2026 सत्र की परीक्षाएं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
प्रवेश में बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या
कुलपति ने बताया कि जुलाई 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। नेपाल के विद्यार्थियों को प्रवेश देने की शुरुआत के बाद वहां से भी कुछ विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक दायरे का विस्तार हो रहा है।
12 हजार विद्यार्थियों को मिली अध्ययन सामग्री
विश्वविद्यालय में अध्ययन सामग्री के वितरण को लेकर भी प्रगति हुई है। प्रो. लोहनी के अनुसार, करीब 22 हजार छात्र-छात्राओं ने मुद्रित अध्ययन सामग्री के लिए आवेदन किया था। इनमें से अब तक 12 हजार विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं। शेष विद्यार्थियों को भी अगले एक माह के भीतर अध्ययन सामग्री जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
अध्ययन केंद्रों पर होंगे दीक्षारंभ कार्यक्रम
विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और अध्ययन प्रक्रिया से परिचित कराने के लिए अगले एक माह तक विभिन्न अध्ययन केंद्रों पर दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
वहीं, 31 अक्टूबर को विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस भी मनाया जाएगा। कुलपति ने बताया कि इस वर्ष स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री और अंतिम अंकपत्र घर तक पहुंचाने की पहल को विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।


