राज्यसभा में उठा ऋषिकेश बापूग्राम वन भूमि प्रकरण
ऋषिकेश : उत्तराखंड के लिए एक अहम मुद्दे को राज्यसभा में उठाते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने ऋषिकेश के बापूग्राम क्षेत्र से जुड़े वन भूमि प्रकरण को प्रमुखता से रखा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि लंबे समय से वन भूमि पर निवास कर रहे हजारों प्रभावित परिवारों के हित में इन क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाए, ताकि उन्हें भूमि स्वामित्व से जुड़े अधिकार मिल सकें।
महेंद्र भट्ट ने सदन में कहा कि बापूग्राम सहित कई क्षेत्रों में दशकों से लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन भूमि वन विभाग के अंतर्गत होने के कारण उन्हें आज तक भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (पट्टा) नहीं मिल पाया है। इसका सीधा असर यह हो रहा है कि ये परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, बिजली-पानी कनेक्शन सहित कई केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है और हाल ही में प्रभावित परिवारों द्वारा बड़ा आंदोलन एवं प्रदर्शन भी किया गया था। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्पष्ट रूप से अपनी पीड़ा रखते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की थी। सांसद ने कहा कि यह केवल भूमि का मामला नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा सवाल है।
महेंद्र भट्ट ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस प्रकरण में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए जल्द से जल्द ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि वन भूमि क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है, तो इससे न केवल लोगों को वैधानिक अधिकार मिलेंगे, बल्कि क्षेत्र का सुनियोजित विकास भी संभव हो सकेगा।
राज्यसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद बापूग्राम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में उम्मीद की किरण जगी है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि यदि सरकार सकारात्मक निर्णय लेती है, तो वर्षों से चला आ रहा उनका संघर्ष अंततः समाप्त हो सकेगा।
अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के निर्णय पर टिकी हैं, जहां से इस जटिल लेकिन मानवीय मुद्दे पर शीघ्र और न्यायसंगत समाधान की अपेक्षा की जा रही है।
