यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खास फोकस
देहरादून : आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यात्रा मार्गों और धामों पर पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही प्रमुख पड़ावों पर अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र और मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां यात्रियों को प्राथमिक उपचार से लेकर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएंगी।
यात्रा के दौरान गंभीर रूप से बीमार या घायल श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए हेली एंबुलेंस सेवा का भी संचालन किया जाएगा। इसके माध्यम से मरीजों को दुर्गम क्षेत्रों से सीधे उच्च स्तरीय अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित होगा।
इसके अलावा, स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और जीवन रक्षक मशीनों की व्यवस्था की जा रही है। ऑक्सीजन सपोर्ट, कार्डियक मॉनिटर और अन्य आवश्यक सुविधाओं से लैस इन केंद्रों में प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके। साथ ही यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के लिए सलाह और दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और निर्बाध रूप से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
