वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण: विद्यार्थियों ने सुना प्रधानमंत्री का संदेश, पीएम ने किया वर्षभर चलने वाले राष्ट्रीय उत्सव का आह्वान
ऋषिकेश : देश की आज़ादी के प्रतीक और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज पूरे देश में भव्य आयोजन हुए। इस ऐतिहासिक अवसर पर ऋषिकेश के शैक्षणिक संस्थानों में भी देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीधा प्रसारण देखकर उनके संबोधन को सुना।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति समर्पण, गौरव और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों में एकता और संघर्ष की भावना जगाई थी, और आज भी यह देश की आत्मा के रूप में हमें प्रेरणा देता है।’प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से 7 नवम्बर 2025 से 7 नवम्बर 2026 तक ‘वंदे मातरम 150 वर्ष’ के रूप में राष्ट्रीय उत्सव मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस वर्षभर चलने वाले उत्सव में देश के सभी नागरिकों को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए ताकि राष्ट्रभक्ति की यह भावना नई पीढ़ी तक पहुंच सके।

ऋषिकेश के प्रमुख विद्यालयों राजकीय इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर, एम.जे. कॉलेज ऑफ एजुकेशन और अन्य शिक्षण संस्थानों में आज विशेष सभाओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यालयों को तिरंगे और रंगीन झंडियों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।
विद्यालय प्राचार्य डॉ. संगीता शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित ‘वंदे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा था। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे राष्ट्रगीत के इतिहास को समझें और इसके भावों को जीवन में अपनाएं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, भाषण और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के बाद विद्यार्थियों में जबरदस्त जोश देखने को मिला। कई छात्रों ने कहा कि वे आने वाले एक वर्ष तक वंदे मातरम से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर के स्कूलों और कॉलेजों में ‘वंदे मातरम 150 वर्ष’ की थीम पर पूरे वर्ष विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी जिनमें सांस्कृतिक उत्सव, प्रदर्शनी, संगोष्ठी और देशभक्ति यात्राएं शामिल हैं। ऋषिकेश नगर में शाम के समय स्थानीय कलाकारों ने ‘भारत माता की संतानें’ विषय पर देशभक्ति नाटक का मंचन किया, जिसमें वंदे मातरम गीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम में उसकी भूमिका को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। पूरा नगर देशभक्ति के स्वर में गूंज उठा।
कार्यक्रम का समापन दीप प्रज्वलन और सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे इस वर्षभर चलने वाले ‘वंदे मातरम 150 वर्ष राष्ट्रीय उत्सव’ को सफल बनाकर देश के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाएंगे।
