परियोजना से हिमालयी क्षेत्र को मिलेगा सुरक्षित और विश्वसनीय रेल संपर्क

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ऋषिकेश : रेल विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच प्रस्तावित रेलवे परियोजना के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस परियोजना के तहत निर्मित सुरंगों और प्रस्तावित स्टेशनों का अवलोकन करते हुए उन्होंने परियोजना के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग का सफर मात्र ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

सलीम अहमद ने बताया कि यह परियोजना न केवल हिमालयी क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी जीवनरेखा साबित होगी, बल्कि देश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना भविष्य की पर्वतीय रेलवे परियोजनाओं के लिए एक मानक स्थापित करेगी। “यह परियोजना गढ़वाल हिमालय क्षेत्र को सुरक्षित, विश्वसनीय और हर मौसम में रेल संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, जिससे बार-बार भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कमजोर सड़क नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी,” सलीम अहमद ने कहा।

आरवीएनएल के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि परियोजना के तहत सुरंगों का खोदाई कार्य 98 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। कुल 19 पुलों में से 8 पुलों का निर्माण कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। शिवपुरी और ब्यासी स्टेशनों का निर्माण कार्य पिछले वर्ष दिसंबर माह से शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धार देवी, तिलानी, घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग स्टेशनों का निर्माण कार्य मई से शुरू होगा।

प्रबंध निदेशक अहमद ने यह भी कहा कि ट्रैक बिछाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्वे कार्य चल रहा है और जल्द ही ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, अक्टूबर माह से ट्रैक पर विद्युत और सिग्नलिंग कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा। सलीम अहमद ने इस परियोजना के द्वारा न केवल यातायात के बेहतर और तेज साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात की, बल्कि यह भी कहा कि यह परियोजना प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्र को एक सुरक्षित और स्थिर परिवहन विकल्प प्रदान करेगी। इस परियोजना की सफलता न केवल उत्तराखंड राज्य, बल्कि समग्र देश के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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