पहाड़ों की बर्फ ने लौटाई पर्यटकों की खुशियों और स्थानीय बाजारों की रौनक

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उत्तराखंड: उत्तराखंड में हाल ही में हुई ताजा बर्फबारी ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा और संजीवनी दे दी है। वीकेंड और गणतंत्र दिवस की तीन दिवसीय छुट्टियों का फायदा उठाते हुए देशभर से सैलानी पहाड़ों की ओर उमड़ पड़े। उत्तरकाशी, औली, मसूरी और नानीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल इस दौरान पर्यटकों से गुलजार रहे।

स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की तैयारी भी इस अवसर पर फायदेमंद साबित हुई। ताजा बर्फबारी ने न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाया बल्कि पर्यटन व्यवसायियों और स्थानीय जनता के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ा दिए। होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवाएँ, गाइड्स और छोटे दुकानें विशेष रूप से इस दौरान व्यस्त रहीं।

औली और उत्तरकाशी में स्कीइंग और हिल स्टेशन की गतिविधियों का आनंद लेने पहुंचे पर्यटक हर उम्र के लोग थे। बच्चों और परिवारों ने बर्फबारी का पूरा लुत्फ उठाया, तो युवा सैलानी एडवेंचर स्पोर्ट्स का मज़ा लेने में व्यस्त रहे। मसूरी और नानीताल जैसे शहरों में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय बाजारों और सड़क किनारे दुकानों में रौनक लौट आई।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ताजा बर्फबारी ने अगले कुछ हफ्तों में भी पर्यटन में सकारात्मक प्रभाव डाला है और राज्य के पर्यटन उद्योग को उत्साहपूर्वक बढ़ावा मिलेगा। विभाग के अनुसार, दिसंबर से फरवरी तक का यह मौसम उत्तराखंड के लिए “पर्यटन सीजन” का प्रमुख समय होता है, और इस वर्ष बर्फबारी ने उम्मीद के मुताबिक पर्यटन को नई गति दी है।

स्थानीय व्यवसायियों ने भी इस अवसर को बेहद महत्वपूर्ण बताया। होटल मालिक राकेश जोशी ने कहा, तीन दिन में ही हमारे होटल और कैफे की बुकिंग पूरी भर गई। इससे न सिर्फ हमारी आमदनी बढ़ी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलें।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में इस तरह की प्राकृतिक घटनाओं से पर्यटन उद्योग में स्थायी बढ़ोतरी की संभावना है, बशर्ते स्थायी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर ध्यान दिया जाए। बर्फबारी के साथ ही राज्य में सैलानियों का आकर्षण बढ़ा है और आने वाले हफ्तों में और अधिक पर्यटकों के आने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रकार, उत्तराखंड की पहाड़ियाँ इस मौसम में पर्यटन के लिए “सोनापन” और “रौनक” दोनों लेकर आई हैं।

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