टीवीएस श्रीचक्र को बड़ी राहत, सोलर बिजली पर ट्रांसमिशन और बिलिंग चार्ज वसूली पर रोक
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग का यूपीसीएल और पीटीसीयूएल को निर्देश, पहले वसूली गई अतिरिक्त राशि की भी होगी जांच
देहरादून। कैप्टिव सोलर प्लांट से बिजली लेने वाली कंपनी टीवीएस श्रीचक्र लिमिटेड को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने इविंसिया रिन्यूएबल्स के दो सोलर प्लांट से कंपनी को मिलने वाली बिजली पर लगाए जा रहे ट्रांसमिशन और बिलिंग चार्ज तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से कंपनी को बिजली आपूर्ति पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क से राहत मिलने का रास्ता खुला है।
आयोग ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पीटीसीयूएल) को आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, पीटीसीयूएल को पहले वसूले गए शुल्कों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जांच में यदि निर्धारित नियमों से अधिक राशि वसूलने की पुष्टि होती है, तो उसे संबंधित कंपनी को वापस करना होगा या भविष्य के बिजली बिलों में समायोजित करना होगा।
याचिका पर आयोग ने सुनाया फैसला
यह आदेश 13 अक्टूबर को टीवीएस श्रीचक्र लिमिटेड और इविंसिया रिन्यूएबल्स की ओर से दायर याचिका पर दिया गया। याचिका में कैप्टिव सोलर प्लांट से बिजली प्राप्त करने के दौरान लगाए जा रहे शुल्क और संबंधित सुविधाओं का मुद्दा उठाया गया था। मामले पर विचार करने के बाद आयोग ने संबंधित बिजली कंपनियों को शुल्कों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सोलर नीति के तहत छूट का लाभ देने पर जोर
आयोग ने स्पष्ट किया कि सोलर नीति और लागू नियमों के तहत मिलने वाली छूट का लाभ पात्र कंपनियों को नियमानुसार मिलना चाहिए। वहीं, बिजली शुल्क और ग्रीन सेस में छूट का निर्धारण संबंधित सरकारी कानूनों, नीतियों और आदेशों के आधार पर किया जाएगा।
इस फैसले में तत्काल शुल्क बंद करने के साथ पहले की वसूली की समीक्षा का निर्देश भी शामिल है। ऐसे में अब यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि पूर्व में लगाए गए शुल्क नियमों के अनुरूप थे या नहीं और कंपनी को कितनी राशि वापस करने अथवा बिलों में समायोजित करने की आवश्यकता बनती है।


