उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा में 1 गीगावाट का आंकड़ा किया पार
देहरादून : उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 1 गीगावाट के आंकड़े को पार कर लिया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति उनकी स्पष्ट एवं प्रभावी नीति का परिणाम बताया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश के सामने रखा गया “आत्मनिर्भर भारत” और हरित ऊर्जा का विजन आज धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा से उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को एक जनआंदोलन का रूप दिया गया है, जिससे आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं—जैसे पीएम सूर्य घर योजना, रूफटॉप सोलर योजना और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रमों—का राज्य सरकार की सक्रिय नीतियों के साथ बेहतर समन्वय किया गया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।
उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते निवेश से हजारों युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। सोलर पैनल स्थापना, रखरखाव, तकनीकी सेवाओं और उपकरण आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुले हैं। इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए अनुकूल हैं और राज्य सरकार इस क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ाया जाए, ताकि ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्य में भी उत्तराखंड महत्वपूर्ण योगदान दे सके।
प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षमता के 1 गीगावाट से अधिक होने को ऊर्जा क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो उत्तराखंड के सतत विकास और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
