तीन माह से वेतन का इंतजार, अशासकीय स्कूलों के शिक्षक आंदोलन की राह पर
देहरादून। उत्तराखंड के अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले दो से तीन महीनों से वेतन नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ने लगा है। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे शिक्षक-कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। इसके विरोध में अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
संघ ने घोषणा की है कि यदि पांच नवंबर तक वेतन बजट को मंजूरी देकर जारी नहीं किया गया तो छह नवंबर को धनतेरस के दिन शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में मंगलवार को संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल नौटियाल की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने पर गंभीर चिंता जताई गई। पदाधिकारियों ने बजट जारी करने में हो रही देरी को लेकर शासन और शिक्षा विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
संघ का कहना है कि वेतन में लगातार देरी से कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं। संगठन ने मांग की है कि जल्द से जल्द बजट स्वीकृत कर लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा तक समाधान नहीं हुआ तो छह नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन किया जाएगा।


