पांच विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले योगाचार्य ओम योगी को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति ने किया सम्मानित

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ऋषिकेश: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने रघुनाथ कीर्ति परिसर में आयोजित भारतीय ज्ञान परंपरा आश्रित प्रबोधन कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर योग विभाग के बीएससी फाइनल वर्ष के छात्र योगाचार्य ओम योगी को पांच विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने तथा अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ द्वारा भारत के टॉप-21 योगियों में स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. वरखेड़ी ने योगाचार्य ओम योगी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कम आयु में योग के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि ओम योगी इसी प्रकार योग साधना एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के माध्यम से विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहें तथा उज्ज्वल भविष्य की ओर निरंतर अग्रसर हों।

कार्यक्रम में परिसर निदेशक प्रो. पी.वी.बी. सुब्रह्मण्यम सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने योगाचार्य ओम योगी की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।योगाचार्य ओम योगी ने अत्यंत कम आयु में योग साधना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अब तक पांच विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 125 मेडल और 105 ट्रॉफियां जीतकर विशेष पहचान बनाई है। योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें योग रत्न और प्राइड ऑफ भारत अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।

ओम योगी केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में योग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। वे निशुल्क रूप से स्कूलों, विश्वविद्यालयों, योग केंद्रों, पार्कों तथा देश-विदेश में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन योग कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में युवा योग एवं भारतीय संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

आज योगाचार्य ओम योगी संघर्ष, अनुशासन और समर्पण के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर कम आयु में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। युवाओं के बीच वे एक जीवंत प्रेरणा के रूप में उभर रहे हैं।

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