उत्तराखंड में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, केदारनाथ से देहरादून तक तिरंगे की शोभा
देहरादून/उत्तराखंड : उत्तराखंड में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रदेश के हर कोने में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना झलकती नजर आई। केदारनाथ धाम से लेकर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण, राजधानी देहरादून और हरिद्वार तक नागरिकों ने तिरंगे की शान और भारतीयता का उत्सव मनाया।केदारनाथ धाम में कड़ाके की ठंड में तिरंगा फहराया केदारनाथ धाम में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच भी गणतंत्र दिवस की गरिमा बनी रही। पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने धाम में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मातृभूमि को सलाम किया। धाम में इस समय लगभग 40 लोग मौजूद हैं, जिनमें से 30 आईटीबीपी और पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। मौसम में लगातार गिरावट के कारण तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन जवानों की सतर्कता और उत्साह ने पर्व की गरिमा बनाए रखी।
राजधानी देहरादून में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने तिरंगा फहराया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत विभिन्न राजनीतिक एवं प्रशासनिक नेता भी समारोह में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया और राष्ट्रीय एकता की भावना को जीवंत किया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों की झांकियों का आयोजन भी किया गया, जिसमें राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। समारोह के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक और अलंकरण प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेशवासियों ने संविधान और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं बल्कि हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने वाला अवसर भी है। प्रदेश के हर नागरिक ने एकजुटता, सुरक्षा और समृद्धि के संदेश के साथ 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाया।उत्तराखंड में 77वां गणतंत्र दिवस इस वर्ष न केवल समारोहों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बल्कि नागरिकों और जवानों की प्रतिबद्धता के साथ एक यादगार पर्व साबित हुआ।
