पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को 2026 में मिलेगा पद्म भूषण

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देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को वर्ष 2026 के पद्म भूषण सम्मान से अलंकृत किए जाने की घोषणा की गई है। यह घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई, जिससे उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके दीर्घकालीन सार्वजनिक जीवन, शिक्षा, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान की औपचारिक मान्यता है।

भगत सिंह कोश्यारी का जीवन सादगी, संघर्ष और जनसेवा का प्रतीक रहा है। उन्होंने शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और बाद में सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। राज्य गठन के बाद उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, सांसद, राज्यसभा सदस्य तथा बाद में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में विभिन्न संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य के शिक्षा, ग्रामीण विकास, सड़क, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे अहम क्षेत्रों में विकास को गति देने के प्रयास किए। वहीं महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में उन्होंने संविधान की मर्यादा का पालन करते हुए सामाजिक समरसता और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पद्म भूषण सम्मान की घोषणा के बाद उनके पैतृक गांव नामती चेटाबगड़ सहित कपकोट क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। क्षेत्रवासियों ने इसे पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण बताया है। स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की।

राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक जगत से जुड़े लोगों ने भी भगत सिंह कोश्यारी को इस सम्मान के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार उनके समर्पण, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा का परिणाम है। पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना न केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करता है।

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