शिवपुरी में साहसिक गाइड ने गंगा में डूब रहे पर्यटक की जान बचाई, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीरतापूर्ण कारनामा

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ऋषिकेश/शिवपुरी : गुरुग्राम के पर्यटक अविनाश की गंगा में डूबने की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि असली हीरो हमेशा वर्दी या पद से नहीं, बल्कि साहस और इरादों से पहचाने जाते हैं। शिवपुरी के साहसिक प्रशिक्षण केंद्र में तैनात मुख्य गाइड विपिन शर्मा ने अपनी सूझबूझ और निडरता के बल पर पर्यटक की जान बचाकर न केवल प्रशिक्षणार्थियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण पेश किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब वाहवाही बटोरी।

घटना 25 जनवरी की अपराह्न लगभग एक बजे की है। बताया जा रहा है कि विपिन शर्मा अपने केंद्र के कुछ युवाओं को मरीन ड्राइव से शिवपुरी के बीच राफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रहे थे। इसी दौरान यूसुफ बीच के समीप उन्हें चीख-पुकार सुनाई दी। पता चला कि एक पर्यटक डूब रहा है।मुख्य गाइड विपिन शर्मा ने तुरंत सीटी बजाकर अन्य राफ्ट गाइडों को मदद के लिए बुलाया। उनके सहायक गाइड जितेंद्र त्यागी ने तुरंत रस्सी फेंककर डूबते पर्यटक तक पहुँचने की कोशिश की। इसके बाद विपिन शर्मा ने खुद नदी में छलांग लगाकर पर्यटक को पकड़कर किनारे लाया।

घटना स्थल पर पर्यटक बेसुध था और उसकी सांसें रुक चुकी थीं। विपिन शर्मा ने तुरंत कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) शुरू किया। उन्होंने पर्यटक के फेफड़ों तक हवा पहुँचाने वाले रास्ते में अवरोध (एयरवेज ब्लॉक) को हटाने के लिए उसके मुंह में हाथ डालकर एयरवेज खोला। करीब 15 मिनट की लगातार कोशिश के बाद पर्यटक की सांसें सामान्य होने लगीं।

इसके बाद उन्होंने 108 आपातकालीन सेवा को सूचित किया। करीब 40-45 मिनट के भीतर पर्यटक की हालत स्थिर हो गई और वह स्वयं वाहन में बैठकर अस्पताल की ओर रवाना हुआ।थाना मुनि की रेती के प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि अविनाश अपने पांच दोस्तों के साथ शिवपुरी यूसुफ बीच पर घूमने गया था। गंगा में आचमन के दौरान एक दोस्त की चप्पल बह गई। उसे बचाने के प्रयास में अविनाश नदी में उतर गया और तेज बहाव में डूबने लगा। पहले दोस्त को बचाया गया, लेकिन अविनाश को नदी की तेज धार में फंसा देख विपिन शर्मा और उनके टीम ने तुरंत कार्रवाई की।

साहसिक प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी के मुख्य गाइड विपिन शर्मा ने यह साबित कर दिया कि गाइड का काम केवल रोमांच प्रदान करना ही नहीं, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमित रौतेला ने कहा कि अचेत और सांस न ले रहे व्यक्ति के लिए सीपीआर जीवन रक्षक है। मस्तिष्क को चार-पाँच मिनट से अधिक ऑक्सीजन न मिलने पर गंभीर क्षति हो सकती है। जितनी जल्दी CPR शुरू होगी, जीवन की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है

सोशल मीडिया पर विपिन शर्मा का यह वीरतापूर्ण कारनामा तेजी से वायरल हो रहा है। विशेषज्ञ और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे साहसी गाइडों को पर्यटन विभाग और रोटेशन समिति द्वारा सम्मानित किया जाना चाहिए।यह घटना युवाओं के लिए भी प्रेरणा का संदेश देती है कि संकट की घड़ी में त्वरित निर्णय और सही प्रशिक्षण जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

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