मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, अजीत पवार के निधन पर शोक व्यक्त, 8 प्रस्तावों पर लिया निर्णय
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखंड की राज्य कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करने और दो मिनट का मौन रखकर की गई। मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान कहा कि अजीत पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए सदैव करुणा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस दुखद हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े प्रस्ताव के अनुसार, ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों जिन्हें पांच वर्ष की सेवा पूरी हो चुकी है, उन्हें आपसी सहमति से उनके जनपद में स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। इससे कर्मचारियों की सुविधा के साथ-साथ जनपदों में आवश्यकतानुसार सेवाओं के बेहतर प्रबंधन की संभावना बढ़ेगी
राजस्व विभाग ने भूमि लेनदेन को सरल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। इसके तहत अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के अलावा, भूमि मालिकों से सीधे आपसी समझौते के आधार पर जमीन खरीदी जा सकेगी। इस फैसले से परियोजनाओं की गति बढ़ाने के साथ-साथ निवेशकों को भी राहत मिलेगी। इसी क्रम में, पराग फार्म की जमीन सिडकुल (उत्तराखंड औद्योगिक विकास निगम) को दी गई थी। अब यह जमीन अन्य किसी को बेचने या पट्टे पर देने का प्रावधान नहीं होगा, जबकि सिडकुल इसे पूरी तरह से लीज पर दे सकती है।
जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत देहरादून, उधमसिंह नगर सहित चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारियों के पद स्वीकृत किए गए हैं। इस कदम से जनजातीय समुदायों के कल्याण और विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
जल और औद्योगिक नीति के संबंध में कैबिनेट ने निर्णय लिया कि उत्तराखंड में गैर-कृषि कार्यों के लिए उपयोग की जाने वाली जमीनों को छोड़कर, औद्योगिक इकाइयों और आवासीय सोसाइटी में जल मूल्य प्रभार लगाया जाएगा। भूमिगत जल के व्यावसायिक उपयोग के लिए भी शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इससे जल संरक्षण और व्यावसायिक उपयोग के संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।
शैक्षिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय का गठन होगा। संशोधन से संबंधित अध्यादेश आगामी बजट सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
अवसंरचना और रक्षा क्षेत्र में कैबिनेट ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को देने की सहमति दी। दोनों हवाई पट्टियाँ अब मिलकर काम करेंगी, जिससे क्षेत्रीय हवाई संचालन में सुविधा बढ़ेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी दी। इस नीति के तहत सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन उपायों पर निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिया जाएगा। नीति का उद्देश्य राज्य में हाइड्रोजन ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और हरित ऊर्जा में निवेश को आकर्षित करना है।
कैबिनेट की आज की बैठक में लिए गए इन निर्णयों से राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिक विकास, ऊर्जा और जनजातीय कल्याण सहित कई क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद है।
