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ऋषिकेश : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश में 23 अप्रैल को छठा दीक्षांत समारोह भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर देश की कई विशिष्ट हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है, जिससे समारोह की भव्यता और भी बढ़ेगी।

समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत के उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन शिरकत करेंगे। वहीं, उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक) अनुप्रिया पटेल ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगी।

दीक्षांत समारोह को लेकर एम्स परिसर में कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह और डीन एकेडमिक प्रो. (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में विस्तृत जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि यह समारोह केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि देश को समर्पित, सक्षम और नैतिक स्वास्थ्य पेशेवरों के निर्माण की दिशा में एम्स ऋषिकेश की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।

इस वर्ष आयोजित हो रहे छठे दीक्षांत समारोह में संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 386 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें एमबीबीएस (बैच 2019 सहित पूर्व बैच), बीएससी नर्सिंग (बैच 2021), एमडी/एमएस/एमडीएस (बैच जुलाई 2022 एवं जनवरी 2023), एमएससी नर्सिंग (बैच 2023), एमएससी मेडिकल (बैच 2022), एमपीएच (बैच जनवरी 2024), डीएम/एम.च. तथा पीएचडी के विद्यार्थी शामिल हैं।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुल 23 पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें 13 स्वर्ण, 5 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को 21 सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस, 5 सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन और 13 सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर भी प्रदान किए जाएंगे।शैक्षणिक उपलब्धियों में एमबीबीएस के छात्र डॉ. देवांग अग्रवाल ने सबसे अधिक 7 पदक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्हें 7 सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर और 1 सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस भी दिया जाएगा। वहीं, दूसरे स्थान पर डॉ. रश्मीत कौर रहीं, जिन्हें 2 पदक, 2 सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिसिएशन और 3 सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर प्रदान किए जाएंगे।

प्रो. मीनू सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एम्स ऋषिकेश तेजी से क्लिनिकल सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में विस्तार कर रहा है। वर्तमान में संस्थान 49 विभागों के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी और उभरते स्वास्थ्य क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स ने स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देते हुए टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एरोमेडिकल सेवाएं और HEMS जैसी आधुनिक पहलें शुरू की हैं, जो विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही हैं।

संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि अब तक एम्स ऋषिकेश में 1.5 लाख से अधिक सर्जरी, 7,000 से अधिक नवजात उपचार तथा हजारों टेलीमेडिसिन परामर्श सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं, जो क्षेत्र में संस्थान के प्रति बढ़ते विश्वास और उसकी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को दर्शाते हैं। छठा दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए एक यादगार उपलब्धि का दिन होगा, बल्कि यह देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को समर्पित नई ऊर्जा और विशेषज्ञता का प्रतीक भी बनेगा।

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