देहरादून में वायु प्रदूषण बना गंभीर चिंता का विषय
देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है। बीते एक सप्ताह से शहर की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की जा रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार 300 के आसपास बना हुआ है, जो न केवल तय मानकों से कहीं अधिक है, बल्कि कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषित स्थिति को दर्शा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून की हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन कणों का आकार बेहद छोटा होने के कारण ये सीधे फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या, लगातार चल रहे निर्माण कार्य और ठंड के मौसम में हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही जमा हो रहे हैं। सुबह और शाम के समय धुंध और स्मॉग की परत साफ तौर पर देखी जा रही है, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हो रही है। खासकर व्यस्त इलाकों, मुख्य सड़कों और निर्माण स्थलों के आसपास प्रदूषण का स्तर और अधिक दर्ज किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, यह स्थिति दमा, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य सांस संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहद गंभीर है। अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन और एलर्जी के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक प्रदूषण के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें, बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग करें और सुबह-शाम खुले में व्यायाम करने से फिलहाल परहेज करें। वहीं प्रशासन से भी निर्माण कार्यों पर नियंत्रण, धूल को रोकने के उपाय और ट्रैफिक प्रबंधन को सख्ती से लागू करने की मांग की जा रही है।
यदि जल्द ही मौसम में बदलाव या प्रभावी नियंत्रण उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में देहरादून की हवा और अधिक जहरीली हो सकती है, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है।
