देहरादून में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम में शामिल हुईं अपर्णा बिष्ट यादव
देहरादून : लोक भवन, देहरादून में उपाध्यक्ष, राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश श्रीमती अपर्णा बिष्ट यादव ने उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट की। वे देहरादून में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सहभागिता करने पहुंची थीं। इस दौरान राजभवन में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सरोकारों तथा महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक और विस्तृत चर्चा हुई।
राजभवन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, “आज लोक भवन में उपाध्यक्ष, राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश श्रीमती अपर्णा यादव जी ने भेंट की। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सरोकारों एवं महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और उपयोगी संवाद हुआ।” राज्यपाल ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा इस क्षेत्र में राज्यों के बीच समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं, अपर्णा बिष्ट यादव ने कहा कि वे “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भव्य आयोजन में सहभागिता के लिए देहरादून आई थीं। उन्होंने बताया कि लोक भवन ऑडिटोरियम, देहरादून में मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा एवं उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस तथा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम ने न केवल देश की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत किया, बल्कि नारी सशक्तिकरण और राष्ट्रीय चेतना को भी मजबूती प्रदान की।
अपर्णा बिष्ट यादव ने कहा कि विभिन्न प्रदेशों की लोकसंस्कृति, नृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने आपसी सौहार्द और एकता का संदेश दिया। साथ ही, बालिकाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़े कार्यक्रम समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले रहे। उन्होंने इस आयोजन को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों एवं सम्मान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर यह संदेश भी स्पष्ट रूप से सामने आया कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक विकास की आधारशिला है, और इसके लिए सरकार, संस्थाओं तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे।
