7 अप्रैल से शुरू होगी बदरीनाथ गाडू घड़ा यात्रा
ऋषिकेश/नरेंद्र नगर : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के अंतर्गत भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में परंपरागत गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा का शुभारंभ 7 अप्रैल को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्र नगर स्थित राजदरबार से विधि-विधान के साथ किया जाएगा।
यह धार्मिक यात्रा नरेंद्र नगर से प्रारंभ होकर विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए 7 अप्रैल को ही ऋषिकेश पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु गाडू घड़ा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। इसके बाद यात्रा आगे बढ़ते हुए जोशीमठ होते हुए बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। गाडू घड़ा यात्रा का विशेष महत्व है, क्योंकि इसमें ले जाया जाने वाला तिल का तेल भगवान बदरीनाथ के महाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना में उपयोग किया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ निभाया जाता है।
मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मार्ग में पड़ने वाले विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के स्वागत और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का मुख्य चरण शुरू हो जाएगा और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान बदरीनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कपाट खुलने से पहले की जाने वाली सभी परंपराएं और यात्राएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं, जिनमें गाडू घड़ा यात्रा प्रमुख मानी जाती है। प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
