खबर शेयर करें -

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उत्तराखंड में रेल संपर्क को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाओं पर त्वरित कार्यवाही का अनुरोध किया। उन्होंने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से आभार भी जताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक, भौगोलिक, धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है, इसलिए यहां बेहतर रेल कनेक्टिविटी आवश्यक है। उन्होंने दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस की सफलता का उदाहरण देते हुए मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक इसके विस्तार की मांग रखी, ताकि बढ़ते यातायात दबाव को कम किया जा सके।

धामी ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के पहले चरण को वर्ष 2026 तक पूरा कर लोकार्पण करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने, बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे की अनुमति देने और हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण पर भी जोर दिया।

उन्होंने रायवाला बाई-डक ब्रिज, चारधाम रेल परियोजना के विभिन्न खंडों के सर्वे, और मोहंड-देहरादून-सहारनपुर रेल लाइन को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने की भी मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं राज्य के संतुलित और समग्र विकास के लिए अत्यंत जरूरी हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने कुम्भ 2027 की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस बार कुम्भ को ‘डिजिटल कुम्भ’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को ₹143.96 करोड़ की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव भेजा है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

Ad