सुप्रीम कोर्ट से पुरोला ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह को बड़ी राहत
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जनपद के पुरोला विकासखंड की राजनीति में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद के चलते लगभग पांच माह पूर्व सीज किए गए उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार अब बहाल कर दिए गए हैं। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद विकासखंड में लंबे समय से रुके प्रशासनिक व विकास कार्यों के फिर से गति पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि जाति प्रमाण पत्र को लेकर उठे विवाद के बाद निशिता शाह के अधिकार निलंबित कर दिए गए थे। इसके चलते ब्लॉक स्तर पर कई महत्वपूर्ण योजनाएं और निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। पंचायत स्तर के कार्यों से लेकर विकास योजनाओं की स्वीकृति तक, अनेक मामलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद न सिर्फ यह कानूनी अड़चन दूर हुई है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी स्पष्ट दिशा मिली है।
इस फैसले का स्थानीय राजनीति पर भी गहरा असर देखने को मिल रहा है। पूर्व विधायक मालचंद सहित निशिता शाह के समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए इसे “सत्य की जीत” करार दिया है। समर्थकों का कहना है कि यह फैसला न्यायपालिका में भरोसे को और मजबूत करता है तथा बेवजह लगाए गए आरोपों पर विराम लगाता है।
वहीं, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को भी उम्मीद है कि अधिकार बहाल होने के बाद विकासखंड में रुकी हुई योजनाएं जैसे सड़क, पेयजल, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य अब तेजी से आगे बढ़ेंगे। प्रशासनिक स्तर पर भी निर्णय लेने की प्रक्रिया सुचारु होने की संभावना है, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न केवल निशिता शाह के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है, बल्कि पुरोला विकासखंड के प्रशासनिक ढांचे और स्थानीय राजनीति में भी नई हलचल लेकर आया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि अधिकार बहाली के बाद विकास कार्य किस रफ्तार से आगे बढ़ते हैं और क्षेत्र की जनता को इसका कितना लाभ मिल पाता है।
