संत समिति बैठक में महाशिवरात्रि व एकादशीय मेले की तैयारियों पर मंथन
ऋषिकेश: ऋषिकेश के बनखंडी महादेव मंदिर परिसर में रविवार को संत समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सिद्धपीठ श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर में आगामी महाशिवरात्रि पर्व, एकादशीय मेला–2026 तथा पांच दिवसीय रुद्र महायज्ञ की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा तय करते हुए सभी कार्यक्रमों को भव्य और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि सिद्धपीठ श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर, गंगा नगर, ऋषिकेश में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि महोत्सव एवं एकादशीय मेला–2026 का आयोजन भक्ति और श्रद्धा के साथ किया जाएगा। इसके अंतर्गत 11 (एकादश) कुंडीय महाकुंभ यज्ञ का आयोजन मंगलवार 10 फरवरी 2026 से सोमवार 16 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार 10 फरवरी से प्रतिदिन प्रातः 9 बजे कलश यात्रा, प्रातः 8 से 11 बजे तक मंडप पूजन, प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक रुद्राभिषेक तथा दोपहर 1 से 4 बजे तक यज्ञ-हवन संपन्न होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में स्वल्पाहार, स्टॉल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
रविवार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रातः 4 बजे से जलाभिषेक, सायं 7 बजे दीप महोत्सव तथा रात्रि 9 बजे से 1008 कमल पुष्पों से शिव वंदन का आयोजन किया जाएगा। वहीं सोमवार 16 फरवरी को सायं 4 बजे भव्य शिव बारात निकाली जाएगी, जिसके उपरांत रात्रि 8 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
बैठक के दौरान संत समिति के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत महाराज ने मंदिर परिसर में हो रहे अतिक्रमण पर गहरी चिंता जताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में उपजिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त को लिखित ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संत समाज ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान की मांग करेंगे।महंत सारस्वत महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि ऋषिकेश क्षेत्र में कई आश्रमों और धर्मशालाओं को भूमाफियाओं द्वारा बेचा जा रहा है, जिससे धार्मिक स्थलों का स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संत समिति किसी भी धार्मिक स्थल का स्वरूप बदलने नहीं देगी। धार्मिक संस्थाओं की आड़ में बनाए जा रहे व्यावसायिक भवनों का भी विरोध किया जाएगा और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
संत समिति के महासचिव महंत रामेश्वर गिरी महाराज ने नगर निगम ऋषिकेश द्वारा भंडारे एवं धार्मिक आयोजनों पर लगाए जा रहे शुल्क पर घोर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक सेवा कार्यों पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाया जाना अनुचित है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए।
बैठक में महंत पूर्णानंद, महंत निर्मल दास (तपोवन), स्वामी धर्मवीर दादूपंथी, महंत हरिदास, महामंडलेश्वर रविंद्र दास (लक्ष्मण झूला), महंत केवल्यानंद सरस्वती, महंत विवेकानंद सरस्वती, महंत कृष्णानंद, महंत सुंदरानंद सरस्वती, स्वामी ध्यान दास, महंत श्रद्धागिरी माता, महंत धर्मदास, महंत कृष्णकांत, महंत संध्यागिरी, महंत महेश मुनि, महंत धर्मानंद गिरी, महंत सरवेंद्र सिंह, स्वामी आनंद महाराज, महंत राजराजेश्वर गिरी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा उपस्थित रहे। संत समिति ने एक स्वर में महाशिवरात्रि महोत्सव को श्रद्धा, अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न कराने का संकल्प लेते हुए श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।
