उत्तराखंड की खूबसूरती को दुनिया तक पहुंचाएं कंटेंट क्रिएटर्स, सीएम धामी ने किया आह्वान

खबर शेयर करें -

देहरादून। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अब डिजिटल माध्यमों की ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स से प्रदेश के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों और लोक संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए उत्तराखंड की खूबियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित कर पर्यटन, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।

मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड’ कार्यक्रम में प्रदेश के प्रमुख यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, गायकों, अभिनेताओं और फिल्म जगत से जुड़ी प्रतिभाओं के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने क्रिएटर्स के सवालों का जवाब देते हुए पर्यटन विकास, रिवर्स माइग्रेशन, विवाह पर्यटन, स्वरोजगार और फिल्म शूटिंग की संभावनाओं पर सरकार का नजरिया साझा किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज जनमानस तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं और इनके जरिए उत्तराखंड की सकारात्मक व वास्तविक तस्वीर सामने लाई जा सकती है।

प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से आगे बढ़ेगी पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी, नैनीताल और ऋषिकेश जैसे लोकप्रिय पर्यटन केंद्रों के साथ प्रदेश के उन खूबसूरत स्थलों को भी पहचान दिलाने की जरूरत है, जो अब तक पर्यटकों के बीच अधिक चर्चित नहीं हो पाए हैं। मिलम और पिंडारी ग्लेशियर, चकराता, माणा और मलारी जैसे क्षेत्रों का डिजिटल प्रचार पर्यटन की नई संभावनाएं खोल सकता है।

उन्होंने कहा कि इन स्थानों की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय जीवनशैली और सांस्कृतिक विशेषताओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने से पर्यटकों का रुझान बढ़ेगा। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकेंगे।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

सीएम धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय शिल्पकारों और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को नए ग्राहक मिल सकते हैं और उनकी पहुंच प्रदेश की सीमाओं से बाहर तक बढ़ाई जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में भी कंटेंट क्रिएटर्स से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय विशेषताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से उनकी पहचान मजबूत होगी। इससे स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद मिल सकती है।

रोजगार और रिवर्स माइग्रेशन को भी मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने पर्यटन को रोजगार सृजन और पलायन की चुनौती से निपटने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के गांवों, लोक संस्कृति और प्राकृतिक स्थलों को व्यापक पहचान मिलने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे युवाओं को अपने क्षेत्र में ही आजीविका के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

कार्यक्रम में विवाह पर्यटन और फिल्म शूटिंग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने क्रिएटर्स से प्रदेश की वास्तविक खूबियों को सामने लाने और उत्तराखंड को पर्यटन, संस्कृति तथा रचनात्मक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाने में योगदान देने की अपील की।

Ad