देहरादून में कारोबारी अर्जुन हत्याकांड का खुलासा, मां समेत 5 गिरफ्तार
देहरादून : देहरादून में तिब्बती मार्केट के सामने हुए कारोबारी और टेनिस प्लेयर अर्जुन शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। एसएसपी अजय सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस वारदात की साजिश करीब 25 दिन पहले ही रच ली गई थी। मामले में मृतक की मां बीना शर्मा, उसके साथी विनोद उनियाल, डॉ. अजय खन्ना सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बलिदानी कोटे से परिवार को मिली गैस एजेंसी को लेकर आर्थिक विवाद चल रहा था। एजेंसी पर लिए गए लोन और लेनदेन को लेकर अर्जुन और उसकी मां के बीच लंबे समय से तनाव था। इसी विवाद ने धीरे-धीरे खतरनाक रूप ले लिया और हत्या की साजिश रच डाली गई। एसएसपी के अनुसार, जनवरी माह में ही बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने अर्जुन को रास्ते से हटाने की योजना बना ली थी। इसके बाद भाड़े के शूटर की तलाश शुरू की गई।
जांच में खुलासा हुआ कि विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज राणा पर यह तलाश आकर रुकी। पंकज ने 12 लाख रुपये में अर्जुन की हत्या की सुपारी ली। वारदात को अंजाम देने के लिए उसने अपने भाई राजीव उर्फ राजू को भी साथ मिला लिया। राजीव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसने वर्ष 1997 में अपने सौतेले पिता की हत्या की थी और इस मामले में जेल भी जा चुका था। करीब चार-पांच साल जेल में रहने के बाद वह बाहर आ गया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अर्जुन की मां बीना शर्मा ने बेहद शातिर तरीके से उसकी रेकी की थी। उसने अमरदीप गैस एजेंसी के मैनेजर से अर्जुन की दिनचर्या, आने-जाने का समय और ठिकानों की जानकारी जुटाई थी।दरअसल, पारिवारिक विवाद के चलते अर्जुन अपनी पत्नी और परिवार के साथ इंदिरा नगर क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। मां-बेटे के रिश्तों में खटास इतनी बढ़ चुकी थी कि मामला हत्या तक पहुंच गया।
पुलिस के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की प्लानिंग करीब 25 दिन पहले से चल रही थी। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से शूटर तय किए, रेकी करवाई और मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। मामले में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। पुलिस अब पूरे वित्तीय लेनदेन और साजिश की परतें खंगाल रही है ताकि मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल हो तो उसे भी कानून के दायरे में लाया जा सके। यह हत्याकांड शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और पारिवारिक विवाद के खतरनाक परिणामों की एक गंभीर मिसाल बन गया है।
