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उत्तराखंड : जहाँ आम जीवन की कल्पना भी मुश्किल हो, वहाँ देश की सुरक्षा में तैनात हिमवीर हर मौसम, हर चुनौती को मात दे रहे हैं। कुछ ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 50वीं बटालियन में, जहाँ करीब 12,000 फीट की ऊँचाई पर बर्फ से ढकी चौकियों के बीच जवानों ने रैंक प्रमोशन का जश्न मनाया।

इस खास अवसर पर 50 बटालियन #ITBP के योग्य और कर्मठ हिमवीरों को सीनियर कांस्टेबल के रैंक से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें अत्यंत दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दिया गया। रैंक प्रदान करने का यह कार्यक्रम यूनिट की विभिन्न बॉर्डर आउट पोस्ट्स (BOPs) में आयोजित किया गया, जहाँ सीमित संसाधनों और कठोर मौसम के बावजूद जवान पूरे जोश और गर्व के साथ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में 50वीं बटालियन के कमांडेंट शैलेंद्र सिंह नगरकोटी ने स्वयं जवानों को सीनियर कांस्टेबल के रैंक लगाए। उन्होंने हिमवीरों को बधाई देते हुए कहा कि अत्यधिक ऊँचाई, कड़ाके की ठंड, बर्फीले तूफान और सीमित सुविधाओं के बावजूद ITBP के जवान जिस समर्पण से देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, वही उन्हें विशिष्ट बनाता है। यह रैंक केवल पदोन्नति नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, साहस और बलिदान की पहचान है।

कमांडेंट नगरकोटी ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सीमाओं पर तैनात हर हिमवीर ITBP की रीढ़ है। उनका अनुशासन, टीमवर्क और राष्ट्र के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बल नेतृत्व हमेशा जवानों के कल्याण, प्रशिक्षण और करियर उन्नति के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। रैंक मिलने के बाद जवानों के चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास साफ नजर आया। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच, राष्ट्रीय सेवा का यह उत्सव न केवल जवानों के लिए, बल्कि पूरे बल के मनोबल को ऊँचा करने वाला क्षण रहा। हिमवीरों ने एक स्वर में कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी और जोश के साथ देश सेवा के लिए प्रेरित करेगा।

उल्लेखनीय है कि ITBP के जवान देश की सबसे कठिन और ऊँचाई वाली सीमाओं पर चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। ऐसे में 12,000 फीट की ऊँचाई पर आयोजित यह रैंक सेरेमनी न सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया थी, बल्कि यह संदेश भी था कि राष्ट्र अपने हिमवीरों के साहस और समर्पण को कभी नहीं भूलता।

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