गैस संकट के बीच केंद्र सरकार अलर्ट
नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल और गैस सप्लाई में अनिश्चितता के चलते देश में एलपीजी (रसोई गैस) की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, जिससे कई राज्यों में सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था पर काम तेज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार प्रवासी मजदूरों, छात्रों और छोटे परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडर बाजार में लाने की तैयारी कर रही है। इन छोटे सिलेंडरों का उद्देश्य सीमित खपत वाले उपभोक्ताओं को राहत देना और बड़े सिलेंडरों पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
बताया जा रहा है कि ये 5 किलो सिलेंडर खासतौर पर शहरी क्षेत्रों, हॉस्टल्स, किराए के मकानों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होंगे। इसके अलावा, आपूर्ति में बाधा के दौरान भी छोटे सिलेंडर आसानी से उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे इंतजार से बचाया जा सकेगा।
सरकार इस योजना के तहत वितरण नेटवर्क को मजबूत करने और गैस एजेंसियों के माध्यम से छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रही है। साथ ही, कीमतों को किफायती रखने के लिए सब्सिडी या विशेष दरों पर भी विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 5 किलो एलपीजी सिलेंडर की पहल न केवल मौजूदा संकट में राहत देगी, बल्कि भविष्य में भी ऊर्जा आपूर्ति को अधिक लचीला और उपभोक्ता-हितैषी बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।
