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झारखंड : धनबाद में चार दिवसीय चैती छठ महापर्व को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ विधिवत संपन्न हो गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न छठ घाटों, तालाबों और जलाशयों पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वातावरण ‘छठ मइया’ और भगवान भास्कर के जयकारों से गूंज उठा। व्रतियों ने पूरी निष्ठा, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली की कामना की। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी नजर आईं, वहीं घाटों पर दीप, फल-फूल और प्रसाद से सजी टोकरी आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थी।

छठ पर्व के अंतिम दिन सूर्योदय से पहले ही घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई थीं। जैसे ही सूर्य की पहली किरणें जल में पड़ीं, श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा और साफ-सफाई के व्यापक इंतजाम किए गए थे। घाटों पर पुलिस बल तैनात रहा और नगर निगम की टीमों ने स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की। साथ ही, स्वयंसेवी संगठनों ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सहयोग किया।

चार दिनों तक चले इस महापर्व में ‘नहाय-खाय’, ‘खरना’, ‘संध्या अर्घ्य’ और ‘उषा अर्घ्य’ की परंपराओं का विधिवत पालन किया गया। छठ पर्व के समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने छठी मैया से आशीर्वाद प्राप्त कर अगले वर्ष पुनः इसी श्रद्धा के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया।

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