उत्तराखंड में भालू हमलों की बढ़ती घटनाओं पर मुख्यमंत्री गंभीर, वन विभाग को तत्काल एक्शन के निर्देश

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देहरादून : उत्तराखंड में हाल के दिनों में भालू के हमलों में वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री ने वन विभाग और संबंधित प्रशासनिक इकाइयों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जिसे रोकने के लिए तेज और ठोस कदम उठाना अनिवार्य है। इसी क्रम में सरकार ने वन प्रभागों को 50 लाख रुपये का त्वरित विशेष बजट जारी किया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा सके और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें। सरकारी आदेश के अनुसार, भालू की बढ़ती गतिविधियों वाले इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी, ड्रोन और ट्रैप कैमरों का इस्तेमाल होगा, साथ ही वन कर्मियों की तैनाती भी अतिरिक्त रूप से की जा रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को सचेत करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

भालू हमलों की घटनाओं में तेजी से वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1926 के व्यापक प्रचार-प्रसार का आदेश दिया है, ताकि किसी भी वन्यजीव खतरे की स्थिति में नागरिक तुरंत सूचना दे सकें और त्वरित राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तुरंत राहत और बचाव दल मौके पर भेजा जाए, साथ ही स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नए बजट और निर्देशों के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और तेज की जाएगी और जल्द ही एक विस्तृत कार्य योजना लागू की जाएगी।

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