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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेशहित से जुड़े छह अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में श्रमिकों, स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था, कारागार प्रशासन और वन विभाग से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए, जिनका व्यापक प्रभाव राज्य प्रशासन और आमजन पर पड़ेगा। कैबिनेट ने श्रम विभाग से संबंधित ‘पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट’ को वापस लेने का निर्णय लिया। सरकार का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस प्रावधान की समीक्षा आवश्यक थी, इसलिए इसे निरस्त करने का फैसला लिया गया है। इससे संबंधित नई व्यवस्था पर विभाग स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कैबिनेट ने बड़ा कदम उठाते हुए कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती के लिए नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी। संशोधित नियमावली के तहत 94 चिकित्सकों के पदों पर भर्ती की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे ईएसआई अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

राज्य में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और सशक्त बनाने के लिए कैबिनेट ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) में 22 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी। इन पदों के सृजन से टास्क फोर्स की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के तहत यह कदम उठाया गया है।

बैठक में कारागार एक्ट में ‘आदतन अपराधी’ की परिभाषा में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। नई परिभाषा के अनुसार ऐसे अपराधियों की पहचान और प्रबंधन अधिक स्पष्ट व प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे जेल प्रशासन को अपराधियों के वर्गीकरण और सुधारात्मक कार्यक्रमों को लागू करने में सुविधा मिलेगी। वन विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने 579 दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन देने को स्वीकृति प्रदान की। लंबे समय से दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों की वेतन संबंधी मांगें लंबित थीं। इस निर्णय से इन श्रमिकों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।

इसके अतिरिक्त कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना को जारी रखने का निर्णय लिया। इस योजना के माध्यम से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजना जारी रहने से स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लघु उद्योगों को लाभ मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि ये निर्णय प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण को गति मिलेगी।

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