पतंजलि शहद की शुद्धता पर अंतरराष्ट्रीय मुहर
हरिद्वार/नई दिल्ली: भारतीय आयुर्वेद और प्राकृतिक उत्पादों की विश्वसनीयता को एक बड़ी वैज्ञानिक मान्यता मिली है। पतंजलि आयुर्वेद के शहद की शुद्धता और गुणवत्ता पर किए गए विस्तृत वैज्ञानिक शोध को विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समूह एल्सवियर के प्रतिष्ठित जर्नल ‘Applied Food Research’ में प्रकाशित किया गया है। इस प्रकाशन के साथ ही पतंजलि शहद की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर प्रमाणिकता प्राप्त हुई है।
पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने इस उपलब्धि को भारतीय FMCG उद्योग के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह शोध भारतीय खाद्य उत्पादों पर लगाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय संदेहों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रश्न उठाए जाते रहे हैं, लेकिन अब वैज्ञानिक शोध के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय कंपनियां भी वैश्विक मानकों पर खरी उतर रही हैं।
प्रकाशित अध्ययन में पतंजलि शहद के विभिन्न नमूनों का आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से परीक्षण किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि शहद में किसी भी प्रकार की बाहरी शर्करा की मिलावट नहीं है। साथ ही, किसी भी प्रकार के हानिकारक रासायनिक अवशेष या सिंथेटिक तत्वों की उपस्थिति भी नहीं पाई गई। शोध में शहद की प्राकृतिक संरचना, एंजाइम गतिविधि, एंटीऑक्सीडेंट गुण और पोषक तत्वों की शुद्धता का भी परीक्षण किया गया। परिणामों में यह प्रमाणित हुआ कि पतंजलि शहद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है और गुणवत्ता नियंत्रण की कठोर प्रक्रियाओं का पालन करता है।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि में कच्चे माल की खरीद से लेकर अंतिम उत्पाद की पैकेजिंग तक बहु-स्तरीय गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली लागू है। प्रत्येक बैच की जांच आधुनिक लैब में की जाती है, जिससे उपभोक्ताओं तक शुद्ध और सुरक्षित उत्पाद पहुंच सके। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल व्यापार नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा है। इस शोध ने हमारी प्रतिबद्धता को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया है।
खाद्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन भारतीय FMCG सेक्टर की वैश्विक छवि को सुदृढ़ करेंगे। इससे निर्यात के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है और भारतीय ब्रांड्स के प्रति विदेशी बाजारों का विश्वास बढ़ेगा।विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित शोध केवल उत्पाद की गुणवत्ता का प्रमाण नहीं होता, बल्कि यह उस कंपनी की अनुसंधान क्षमता, पारदर्शिता और मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
पतंजलि शहद पहले से ही देश के बड़े उपभोक्ता वर्ग में लोकप्रिय है। इस वैज्ञानिक प्रमाणन के बाद उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत होने की संभावना है। खाद्य सुरक्षा और शुद्धता आज के समय में उपभोक्ताओं की प्राथमिक चिंता है, ऐसे में इस तरह के शोध परिणाम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
एल्सवियर के ‘Applied Food Research’ जर्नल में प्रकाशित यह शोध न केवल पतंजलि के लिए, बल्कि पूरे भारतीय खाद्य उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे यह संदेश जाता है कि भारतीय ब्रांड्स वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार कर रहे हैं और वैज्ञानिक जांच की कसौटी पर भी खरे उतर रहे हैं। यह उपलब्धि “मेड इन इंडिया” उत्पादों की विश्वसनीयता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली मानी जा रही है।
