मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने की अध्यक्षता
देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) की सामान्य महासभा की बैठक सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार से जुड़े देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और प्रमुख उद्यमियों ने भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।बैठक के दौरान प्रदेश में विज्ञान एवं तकनीक आधारित सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने तथा वैज्ञानिक सोच (Scientific Temperament) को प्रोत्साहित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। यूकास्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत ने परिषद की उपलब्धियों, संचालित कार्यक्रमों एवं भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) विषयों में विद्यार्थियों और युवाओं की रुचि बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनाने पर बल दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेंटरशिप कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक का अधिकतम प्रसार सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों में विज्ञान संवाद, पॉडकास्ट, साइंस पत्रिका और संगठित मेंटरशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के साथ वैज्ञानिक संस्थानों द्वारा प्रभावी मेंटरशिप हेतु SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अल्मोड़ा जनपद के मानसखंड में स्थापित मानसखंड साइंस सेंटर, चंपावत विज्ञान केंद्र तथा प्रत्येक जनपद में जिला स्तरीय नवाचार केंद्रों की स्थापना पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने प्रदेश के 13 जनपदों में संचालित ‘लैब ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में अपग्रेड एवं विस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्तराखंड को एक आदर्श वैज्ञानिक इकोसिस्टम मॉडल के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में अवगत कराया गया कि 88.8 मेगाहर्ट्ज़ पर ‘विज्ञान वाणी’, ‘विज्ञान दृश्यम’ एवं ‘विज्ञान धारा’ जैसे कार्यक्रमों का नियमित संचालन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में विज्ञान के लोकव्यापीकरण को नई गति मिली है। मुख्य सचिव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे वैज्ञानिक गतिविधियों के प्रचार-प्रसार का प्रभावी माध्यम बताया।
बैठक में सचिव नितेश झा, रंजीत सिन्हा एवं रविनाथ रामन, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (IIP) के निदेशक हरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रमुख उद्यमी डॉ. लडवाल, एनएमसी सदस्य डॉ. डी. के. गुप्ता तथा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान सहित देशभर के विज्ञान एवं तकनीक क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्रदेश में विज्ञान आधारित नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी उन्नयन को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड को वैज्ञानिक दृष्टि से आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
