गणतंत्र दिवस पर सीएम धामी का संदेश: प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएँ

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं तथा राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के निर्माण का महापर्व है, जो लोकतंत्र, समानता और न्याय के मूल्यों को सुदृढ़ करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन-प्रशासन को जनता के अधिकतम निकट लाने का कार्य किया है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी भावना के साथ “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से अब तक लाखों नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड ने देश के अन्य राज्यों के लिए एक नई दिशा प्रशस्त की है। देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि तीर्थ यात्राओं के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ तीर्थाटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। वहीं कुमाऊँ मंडल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने और राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा की भी सफल शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधार किए गए हैं तथा उद्योग-अनुकूल वातावरण का सृजन किया जा रहा है। निवेश नीतियों में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की नीति आयोग द्वारा सराहना की गई है। नीति आयोग की निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। पिछले चार वर्षों में विभिन्न विभागों में 27 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियाँ की जा चुकी हैं और शेष रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में राज्य हित में कई महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए गए हैं। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है तथा धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके साथ ही अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 10 हजार हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध भी निरंतर कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। सख्त भू-कानून लागू करने के साथ-साथ भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है, जिससे महिलाओं को समान अवसर और सशक्त भूमिका मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और जन-संतुष्टि के मूलमंत्र पर चलते हुए विकल्प-रहित संकल्प के साथ प्रदेश के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों से विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में सहभागी बनने के साथ-साथ “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” के महाअभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

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