वीर बाल दिवस पर सीएम योगी: सिख गुरुओं का त्याग हमारी प्रगति का मार्ग

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लखनऊ: वीर बाल दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित भव्य कीर्तन समागम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिख गुरुओं के त्याग, तपस्या और बलिदान को राष्ट्र की प्रगति का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा ने सदैव देश, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं, जिनसे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबज़ादों के अद्वितीय बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि कम आयु में भी साहिबज़ादों ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय धर्म और सत्य के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया, जो भारतीय इतिहास की सबसे गौरवशाली गाथाओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आवश्यक है कि ऐसी प्रेरक कथाएं केवल स्मृति दिवसों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाए, ताकि बच्चे बचपन से ही त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को आत्मसात कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर बाल दिवस का आयोजन देश की नई पीढ़ी को यह समझाने का अवसर है कि भारत की आत्मा त्याग और बलिदान से बनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिख गुरुओं की शिक्षाएं केवल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समूचे समाज को एकता, सेवा और साहस का संदेश देती हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के आयोजनों में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता। उनके जीवन और बलिदान से आज भी समाज को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा मिलती है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सिख समाज के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कीर्तन समागम के दौरान गुरबाणी का गायन हुआ और पूरे वातावरण में श्रद्धा व भक्ति का भाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने सभी को वीर बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिख गुरुओं के आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।

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