यमुनोत्री में गैर-सनातनियों की एंट्री पर असमंजस
उत्तराखंड: यमुनोत्री धाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर संभावित प्रतिबंध को लेकर तीर्थ क्षेत्र में भ्रम और असमंजस की स्थिति बन गई है। मंदिर समिति के एक प्रवक्ता द्वारा प्रतिबंध की बात कहे जाने के बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आया, लेकिन समिति के सचिव ने ऐसे किसी भी आधिकारिक निर्णय से साफ इनकार करते हुए स्थिति को फिलहाल “विचाराधीन” बताया है।
समिति के प्रवक्ता ने स्थानीय स्तर पर हुई एक अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि धाम की “पवित्रता और परंपराओं” को देखते हुए गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है और इस पर अमल किया जा सकता है। उनके इस बयान के सामने आते ही क्षेत्र में बहस छिड़ गई और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ आने लगीं।
हालांकि, इस बयान के कुछ ही समय बाद मंदिर समिति के सचिव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी तक ऐसा कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि समिति स्तर पर इस विषय पर अंतिम मुहर लगाने से पहले सभी पदाधिकारियों और संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत बैठक की जाएगी। सचिव के अनुसार, इस तरह के संवेदनशील मुद्दे पर एकल बयान को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। अभी कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। जनपद लौटने के बाद समिति की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी सदस्य अपनी राय रखेंगे। उसी के बाद जो भी सर्वसम्मत निर्णय होगा, उसे सार्वजनिक रूप से घोषित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि धाम की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की आस्था और कानून व्यवस्था जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही आगे कदम बढ़ाया जाएगा। फिलहाल तीर्थयात्रा से जुड़े किसी भी नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पूर्ववत व्यवस्थाएँ लागू हैं।
स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों का भी कहना है कि उन्हें अभी तक समिति की ओर से ऐसा कोई लिखित प्रस्ताव या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, जिस पर अमल किया जा सके। यदि भविष्य में समिति कोई औपचारिक निर्णय लेती है, तो उसे विधिक और प्रशासनिक स्तर पर परखा जाएगा।
यमुनोत्री धाम चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश संबंधी किसी भी संभावित प्रतिबंध को लेकर स्पष्ट और आधिकारिक रुख सामने आना आवश्यक माना जा रहा है।फिलहाल विरोधाभासी बयानों के बीच इतना तय है कि गैर-सनातनियों के प्रवेश पर कोई तत्काल प्रतिबंध लागू नहीं है। अब सभी की नजर प्रस्तावित बैठक पर टिकी है, जिसमें लिए जाने वाले निर्णय के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
