कांग्रेस का मंथन: 2027 चुनाव को लेकर देहरादून में रणनीति तैयार
देहरादून: प्रदेश कांग्रेस ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें पार्टी की भविष्य की रणनीति और जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ नेता, पूर्व पदाधिकारी और जिला स्तर के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा सत्ता पक्ष की नीतियों और प्रदेश के हालात पर चर्चा करना रहा। पार्टी नेताओं ने कहा कि राज्य आज बेरोजगारी, महंगाई, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और लगातार बढ़ रहे पलायन जैसे गंभीर संकटों से जूझ रहा है, लेकिन सरकार इन वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने पहाड़ के दर्द और जमीनी हकीकत को केंद्र में रखते हुए कहा कि सरकार की विकास योजनाएँ केवल कागज़ों पर ही सीमित हैं। पर्वतीय जिलों में रोजगार के अभाव, कृषि संकट और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के कारण ग्रामीण आबादी तेजी से मैदानी इलाकों की ओर पलायन कर रही है, जो राज्य की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना के लिए चिंताजनक है। बैठक में यह भी कहा गया कि भाजपा सरकार की नीतियों ने युवाओं की आशाओं को तोड़ा है। लंबे समय से भर्ती परीक्षाएं लटकी हैं, महंगाई लगातार बढ़ रही है और कृषि-केंद्रित क्षेत्रों में कोई ठोस योजना दिखाई नहीं देती।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, जनता से सीधा संवाद बढ़ाने और जनहित के मुद्दों को तेज़ी से उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज़ को मजबूत तरीके से उठाएगी और सत्ता पक्ष को हर मोर्चे पर जवाब देने के लिए तैयार है। प्रदेश कांग्रेस ने ऐलान किया कि आने वाले महीनों में पार्टी प्रदेशभर में संवाद यात्राएँ, जनसभाएँ और मुद्दा-आधारित आंदोलन छेड़ेगी, ताकि जनता की समस्याओं को व्यापक स्तर पर उठाया जा सके और सरकार की नाकामियों को उजागर किया जा सके।
बैठक के अंत में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि 2027 का चुनाव पहाड़ और मैदान दोनों की उम्मीदों पर खरा उतरने तथा राज्य में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करने का मौका होगा।
