अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, कैंडल मार्च निकालकर सीबीआई जांच की मांग

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देहरादून : देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया गया और न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। इस कैंडल मार्च में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए।

कैंडल मार्च के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह न्याय की एक सुनियोजित हत्या है, जिसे सत्ता-संरक्षित व्यवस्था के तहत अंजाम दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत से ही भाजपा सरकार ने साक्ष्य मिटाने, आरोपियों को बचाने और पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से तोड़ने का काम किया।

गणेश गोदियाल ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि एक बेटी की निर्मम हत्या के बाद भी सरकार न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों को संरक्षण देने में जुटी रही। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करती है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।

उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम तथा भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन आज तक इनकी निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। गोदियाल ने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा सरकार किससे और क्यों डर रही है? जब भाजपा के अपने ही नेता ‘वीआईपी’ संरक्षण की बात सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं, तो फिर सरकार सीबीआई जांच से पीछे क्यों हट रही है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दोषी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी तब तक शांत नहीं बैठेगी, जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता।

कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाले पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पूरे माहौल में गुस्सा, पीड़ा और न्याय की पुकार साफ झलक रही थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की यह लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी और सरकार को जवाब देना होगा।

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