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हरिद्वार : वैशाख मास के आगमन के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में धार्मिक अनुष्ठानों, स्नान-दान और पूजा-अर्चना की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस पवित्र माह में गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके चलते हरकी पैड़ी सहित प्रमुख घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास में गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी क्रम में 14 अप्रैल को मेष संक्रांति, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया और 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी जैसे प्रमुख पर्व पड़ रहे हैं। इन तिथियों पर हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम द्वारा घाटों की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाई जा रही है। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जा रहा है।

इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और मेडिकल कैंप की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और गंगा में स्नान करते समय सावधानी बरतें।

धार्मिक संगठनों और आश्रमों द्वारा भी विशेष पूजन, हवन और भंडारे के आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। हरिद्वार में इन पर्वों के दौरान भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु मां गंगा के पावन जल में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करेंगे।

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