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हरिद्वार: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरिद्वार में भारत माता मंदिर परिसर स्थित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की समाधि स्थली पर आयोजित श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश में आए व्यापक बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब “जंगल राज” पूरी तरह समाप्त हो चुका है और कानून का राज स्थापित हुआ है। आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, सुशासन और विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, लेकिन अब वही प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था और विकास यात्रा का मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी शासन और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति के चलते निवेश बढ़ा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और राष्ट्र चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपराओं की विजय का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेटियों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सख्त कानूनों और प्रभावी कार्रवाई के कारण आज बेटियां स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब बेटियां निर्भय होकर शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में आगे बढ़ें।

धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के जीवन और विचारों को याद करते हुए कहा कि उनके संदेश आज भी समाज को नैतिकता, राष्ट्रभक्ति और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।मुख्यमंत्री ने ग्राम स्वराज की अवधारणा पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि सशक्त गांव ही सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं। सरकार गांवों में बुनियादी सुविधाएं, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर रही है।

इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्मा, धर्माचार्य, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और भजन-कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म की विजय, सुशासन और समरस समाज के माध्यम से ही भारत विश्वगुरु के अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा।

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