ऋषिकेश में “देवभूमि राष्ट्रीय संवाद 2026” का आयोजन
ऋषिकेश: हाउस ऑफ़ हेल्प फ़ाउंडेशन, ऋषिकेश द्वारा आयोजित “देवभूमि राष्ट्रीय संवाद2026” का भव्य एवं सफल आयोजन सोमवार को आशीर्वाद वाटिका, ऋषिकेश में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “राष्ट्र प्रथम : संस्कृति बचेगी तो देश बचेगा” रहा, जिस पर देश व प्रदेश के प्रतिष्ठित विचारकों, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक क्षेत्र के अग्रणी व्यक्तित्वों ने गंभीर, सार्थक और दूरदर्शी विचार साझा किए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि प्रख्यात लेखक एवं विचारक उदय माहुरकर ने राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना और समकालीन चुनौतियों पर प्रभावशाली संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती उसकी सांस्कृतिक आत्मा से आती है। जब संस्कृति सुरक्षित रहती है, तभी राष्ट्र सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनता है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से सांस्कृतिक चेतना को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति के रूप में गौरांग सिंह परमार, महंत सच्चिदानंद शास्त्री, गिरीश डोभाल (राज्य मंत्री, दर्ज़ा प्राप्त), उत्तराखंड सरकार, राघवेन्द्र भटनागर तथा राजेन्द्र तरियाल (जिला अध्यक्ष, भाजपा) विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने-अपने संबोधन में राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में कनिका जैन ,प्रख्यात समाजसेवी एवं सामाजिक उद्यमी, शुभांगी रैना (अध्यक्ष), माधवी गुप्ता , सचिव, रोटरी क्लब दिवास, ऋषिकेश, सक्षम अग्रवाल, लक्ष्य चौहान, मानिक बंसल तथा मुकुल यादव की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। नगर के बौद्धिक एवं सामाजिक वर्ग से दिनेश सती ,समाजसेवी और मनोज ध्यानी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. आदित्य गौतम एवं श्रेय जोशी द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। संवाद के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर एवं विचार-विमर्श सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत और सार्थक बनाया, जिसमें प्रतिभागियों ने समकालीन राष्ट्रीय मुद्दों, सांस्कृतिक संरक्षण तथा सामाजिक जिम्मेदारियों पर खुलकर संवाद किया।
समग्र रूप से देवभूमि राष्ट्रीय संवाद–2026 राष्ट्रवादी चिंतन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैचारिक संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण, प्रभावी और प्रेरक पहल के रूप में सामने आया, जिसने समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
