नैनीताल जिला बार एसोसिएशन में डिजिटल ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ
नैनीताल : जिला बार एसोसिएशन नैनीताल ने न्यायिक व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। एसोसिएशन परिसर में आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डिजिटल ई-लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में न्यायिक कार्यप्रणाली में तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने इसे एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि उच्च न्यायालयों से प्रतिदिन आने वाले आदेशों और निर्णयों की त्वरित जानकारी अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों के लिए अनिवार्य है। डिजिटल ई-लाइब्रेरी के माध्यम से अधिवक्ता नवीनतम न्यायिक फैसलों, विधिक प्रावधानों और प्रासंगिक तथ्यों से तत्काल अवगत हो सकेंगे, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनेगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने इस पहल को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि ई-लाइब्रेरी में उच्चतम न्यायालय तथा देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों से जुड़े 27 लाख से अधिक प्रकरणों का विस्तृत डाटाबेस उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह विशाल संग्रह अधिवक्ताओं को शोध कार्य में व्यापक सहायता प्रदान करेगा और जटिल मामलों में त्वरित संदर्भ सामग्री उपलब्ध कराएगा। इससे समय की बचत के साथ-साथ कार्य की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।एसोसिएशन के सचिव दीपक रूवाली ने डिजिटल ई-लाइब्रेरी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रणाली अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स से लैस है। इसमें सिविल, क्रिमिनल, सर्विस, ट्रिब्यूनल और एन.आई. एक्ट सहित विभिन्न प्रकार के मामलों से संबंधित प्रश्न पूछने पर त्वरित और सटीक उत्तर प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, याचिकाओं, प्रार्थना पत्रों और अन्य विधिक दस्तावेजों की ड्राफ्टिंग में भी यह प्रणाली अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
नई व्यवस्था को नैनीताल की न्यायिक कार्यप्रणाली में तकनीकी क्रांति का आगाज माना जा रहा है। अधिवक्ताओं ने इसे डिजिटल युग की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे न्याय व्यवस्था अधिक सुलभ, सरल और प्रभावशाली बनेगी। तकनीक के समावेश से न केवल कार्य की गति बढ़ेगी, बल्कि पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष शंकर सिंह चौहान, वरिष्ठ अधिवक्ता मान सिंह बिष्ट, हरिशंकर कंसल, मनीष मोहन जोशी, राजेश चंदोला, सुशील शर्मा, पंकज बिष्ट, प्रीति साह, मंजू कोटलिया, बलवंत सिंह थलाल, हरीश भट्ट, प्रदीप परगाई, चंद्रेश ममगई, भरत भट्ट, ओंकार गोस्वामी, संजय सुयाल, अर्चित गुप्ता, संजय सिंह बिष्ट, भानु प्रताप, मौनी गंगा सिंह बोरा, शारीक अली, नीरज गोस्वामी, मो. बिलाल, गौरव कुमार, अनिल बिष्ट, नीलेश भट्ट, गौरव भट्ट, चंद्रकांत बहुगुणा, उमेश कांडपाल, शिवांशु जोशी, निखिल बिष्ट, कमल चिलवाल, सुभाष जोशी, प्रदीप प्रसाद, तारा आर्या, दीपक दत्त, मोहन नाथ गोस्वामी, जयंत नैनवाल, मुन्नी आर्या, सरिता बिष्ट, किरन आर्या, आरती कामिनी गंगवार, जया आर्या, भावना जंतवाल, मीनाक्षी, तानुप्रिया जोशी, दिव्या तथा बार क्लर्क आनंद चंद्रा सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।डिजिटल ई-लाइब्रेरी की स्थापना से नैनीताल में न्यायिक प्रणाली को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
