नैनीताल-मसूरी व्यवस्थाओं पर मुख्य सचिव की बड़ी समीक्षा बैठक
देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में नैनीताल एवं मसूरी से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान तथा व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों प्रमुख पर्यटन नगरों में यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, सौंदर्यकरण और आधारभूत सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान समुचित यातायात प्रबंधन, आवश्यक स्थलों पर पर्याप्त लाइटिंग, मुख्य मार्गों का रंग-रोगन, शहरों के सौंदर्यकरण, साफ-सफाई तथा पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव ने आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल और कुमाऊँ के साथ ही जिलाधिकारी देहरादून और नैनीताल से दोनों मंडलों और जनपदों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नैनीताल और मसूरी राज्य की पर्यटन पहचान हैं, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं उच्च मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सड़क सुधार, पार्किंग व्यवस्था, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी, लाइटिंग और कूड़ा निस्तारण जैसी आवश्यकताओं के संबंध में यदि अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत हो तो दोनों जनपद तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें।उन्होंने चल रहे कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए, ताकि पर्यटन सीजन से पहले व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हो सकें।
आगामी पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए यातायात को सुचारु बनाए रखने, वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की व्यवस्था, पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय स्तर पर रूट डायवर्जन लागू करने के निर्देश दिए गए।मुख्य सचिव ने स्थानीय व्यापारियों, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों सहित सभी हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर बल दिया।
बैठक में नैनीताल एवं आसपास के मार्गों पर मोबाइल नेटवर्क बाधित होने वाले ब्लाइंड स्पॉट चिन्हित करने और आवश्यक स्थलों पर लाइटिंग की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।मसूरी में किंग्रेट स्थित पार्किंग के बेहतर उपयोग के लिए पर्यटन विभाग के समन्वय से कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया, ताकि शहर में जाम की समस्या कम हो सके।
मुख्य सचिव ने दोनों जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों में अव्यवस्थित तारों के जाल को व्यवस्थित किया जाए तथा भद्दे और अनधिकृत विज्ञापन हटाए जाएं, जिससे राज्य की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित न हो।साफ-सफाई, जल निकासी नालियों की सफाई, रंगाई-पुताई, रेलिंग मरम्मत और अन्य सौंदर्यकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
पर्यटकों से ओवरचार्जिंग या किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में प्रमुख स्थलों पर तैनात करने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि राज्य की पर्यटन छवि सकारात्मक बनी रहे।बैठक में सचिव नितेश झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणबीर सिंह चौहान, डी.एस. गब्रियाल, मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वर्चुअल माध्यम से आयुक्त गढ़वाल एवं कुमाऊँ, आईजी गढ़वाल एवं कुमाऊँ, जिलाधिकारी देहरादून एवं नैनीताल तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी भी जुड़े रहे।
राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नैनीताल और मसूरी में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
